Theatre of Relevance -Manjul Bhardwaj

" इतिहास साक्षी है की व्यवस्था को सांस्कृतिक चेतना के द्वारा बनाया और टीकाया गया है क्यों न आज सांस्कृतिक चेतना के द्वारा व्यवस्था को बनाया और टीकाया जाए ! "
- मंजुल भारद्वाज

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