Monday, February 27, 2012

संजीव निगम संपादित पुस्तक " मंजुल भारद्वाज - थिएटर ऑफ रेलेवेन्स ”

‘थिएटर ऑफ रेलेवेन्स ' थिएटर को लोगों से, लोगों के लिए, लोगों द्वारा प्रस्तुत, आम जीवन का एक अभिन्न अंग मानता है. इस नाट्य धारा पर संजीव निगम संपादित पुस्तक " मंजुल भारद्वाज - थिएटर ऑफ रेलेवेन्स ” रवि प्रकाशन से  प्रकाशित  !

‘Artists’ attain enlightenment through the radiance of their art and not through the cravings of their belly.-Manjul Bhardwaj

‘Artists’ attain enlightenment through the radiance of their art and not through the cravings of their belly. -         Manjul Bhard...